नई दिल्ली: हंगामे के बीच वित्त मंत्री ने पेश किया संशोधित इनकम टैक्स बिल 2025, टैक्स प्रणाली को सरल बनाने पर जोर

New Delhi: Amid uproar, Finance Minister introduced the revised Income Tax Bill 2025, emphasising on simplifying the tax system

नई दिल्ली – संसद में विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में इनकम टैक्स बिल, 2025 का संशोधित संस्करण पेश किया। यह बिल भाजपा नेता बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली संसदीय चयन समिति की अधिकांश 285 सिफारिशों को शामिल करता है।

सीतारमण ने स्पष्ट किया बिल का उद्देश्य
वित्त मंत्री ने कहा कि यह संशोधित बिल “निष्पक्षता और स्पष्टता” को बढ़ाएगा तथा आयकर कानून को मौजूदा जरूरतों के अनुरूप बनाएगा।

“ड्राफ्टिंग की प्रकृति, भाषा, वाक्यांशों की सटीकता, कानूनी संदर्भ और तकनीकी सुधारों के लिए जरूरी बदलाव किए गए हैं,” उन्होंने कहा।
उन्होंने यह भी बताया कि पहले पेश किए गए बिल को भ्रम की स्थिति से बचाने के लिए वापस ले लिया गया था।

बिल में क्या-क्या शामिल किया गया है?

  • 285 सुझाव शामिल किए गए हैं जो संसद की चयन समिति ने दिए थे।
  • कर स्लैब और दरों में व्यापक बदलाव कर मिडल क्लास को टैक्स राहत देने की कोशिश की गई है।
  • टैक्स प्रक्रिया को सरल और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
  • नया कानून घरेलू उपभोग, बचत और निवेश को बढ़ावा देगा।

बिल क्यों है खास?
बैजयंत पांडा के मुताबिक, नया बिल भारत के दशकों पुराने आयकर ढांचे को सरल बनाएगा।

“1961 का मौजूदा इनकम टैक्स एक्ट अब बेहद जटिल हो चुका है – इसमें 4000 से ज्यादा संशोधन और 5 लाख से अधिक शब्द हैं। नया कानून इसे लगभग 50% तक सरल करता है, जिससे आम करदाता के लिए इसे समझना और पालन करना आसान हो जाएगा।”

क्या कहती है सरकार?

सरकार का कहना है कि नया बिल:

  • कानूनी उलझनों को कम करेगा,
  • एमएसएमई और व्यक्तिगत करदाताओं को अनावश्यक मुकदमों से राहत देगा,
  • और आयकर प्रणाली में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ाएगा।

पिछला बिल कब पेश हुआ था?
इनकम टैक्स बिल, 2025 का पुराना ड्राफ्ट 13 फरवरी को लोकसभा में पेश किया गया था, जिसे सरकार ने पिछले सप्ताह औपचारिक रूप से वापस ले लिया था।

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